पुस्तक की आत्मकथा पर निबंध |Essay on Autobiography of a Book in Hindi

मैं एक पुस्तक हूँ। आज आप जिस तरह से देख रहे हैं वह प्राचीन काल में मेरा तरीका नहीं था। गुरु शिष्य को मौखिक ज्ञान देते थे। उस समय कागज का आविष्कार नहीं हुआ था। शिष्य ज्ञान को सुनते और प्राप्त करते थे। धीरे-धीरे इस कार्य में कठिनाई उत्पन्न होने लगी । इसे सुरक्षित करने… Continue reading पुस्तक की आत्मकथा पर निबंध |Essay on Autobiography of a Book in Hindi